श्मशान घाट पर ‘नकली शव’ का खेल! 4 युवक पुतला लेकर पहुंचे दाह संस्कार करने, कफन हटते ही खुल गया 50 लाख का बीमा घोटाला

Last Updated: November 28, 2025

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हापुड़, उत्तरप्रदेश: गढ़मुक्तेश्वर के प्रसिद्ध गंगा घाट ब्रजघाट पर गुरुवार दोपहर एक ऐसा मामला सामने आया जिसने स्थानीय लोगों, घाट कर्मियों और पुलिस सभी को हैरान कर दिया। चार युवक एक प्लास्टिक के पुतले को कफन में लपेटकर ‘शव’ बताकर उसका दाह संस्कार करने पहुंचे थे। जैसे ही कफन हटाया गया, सच सामने आया और पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

चार युवक I-20 कार से पहुंचे, जल्दबाज़ी में करने लगे तैयारी

प्रत्यक्षदर्शी और घाट कर्मियों के अनुसार, हरियाणा नंबर की I-20 कार में चार युवक घाट पर पहुंचे। उनके व्यवहार और जल्दबाज़ी ने शुरुआत में ही लोगों का ध्यान खींचा। न कोई रिश्तेदार, न कोई विधिविधान—सीधे लकड़ियाँ सजाकर दाह संस्कार शुरू करने की कोशिश। जिससे स्थानीय लोगों को शंका हुई कि मामला साधारण नहीं है।

कफन हटाया तो निकला पुतला, भीड़ में मचा हड़कंप

जैसे ही घाट कर्मचारी नितन को कुछ गड़बड़ लगा, वह आगे बढ़ा और शव पर रखा कफन हटाया। जो दृश्य सामने आया, उसे देखकर हर कोई दंग रह गया,दअरसल शव की जगह प्लास्टिक का पुतला पड़ा था। भीड़ इकट्ठी हो गई और दो युवक को लोगों ने मौके पर पकड़ लिया, जबकि दो युवक वहां से फरार हो गए। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई।

पुलिस पहुंची तो खुलने लगी साजिश की परतें

पुलिस ने पकड़े गए दोनों युवकों से पूछताछ शुरू की। शुरुआत में वे यह कहते रहे कि अस्पताल ने गलती से उन्हें नकली शव दे दिया। लेकिन पुलिस की सख्ती बढ़ते ही युवक टूटने लगे और सच सामने आ गया।

मास्टरमाइंड: दिल्ली का कमल सोमानी, डूबा था 50 लाख के कर्ज में

जांच में सामने आया कि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड कमल सोमानी, निवासी कैलाशपुरी (दिल्ली) है।
कमल पर 50 लाख रुपए का भारी कर्ज था। कर्ज से निकलने के लिए उसने एक साल पहले ही बड़ी साजिश रची थी। उसने अपनी दुकान में पहले काम कर चुके युवक अंशुल कुमार का आधार और पैन कार्ड किसी बहाने से ले लिया। इन दस्तावेजों पर 50 लाख का बीमा करा दिया।
योजना थी- अंशुल को कागज़ों में ‘मृत’ दिखाकर बीमा कंपनी से पूरा पैसा वसूल लेना।

अंशुल जीवित मिला, पुलिस के भी उड़ गए होश

जब पुलिस ने अंशुल से संपर्क किया, तो उसने बताया कि वह प्रयागराज में अपने घर पर बिलकुल स्वस्थ है।
उसे किसी बीमा या योजना की कोई जानकारी नहीं थी।

यानी, पूरी योजना थी—
नकली शव तैयार करना
पुतले का दाह संस्कार कराना
मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाकर बीमा क्लेम करना

पुलिस ने दर्ज किया मामला, दो आरोपी अब भी फरार

फिलहाल पुलिस ने कमल सोमानी और उसके साथी पर धोखाधड़ी,फर्जीवाड़ा,आपराधिक साजिश की धाराओं में FIR दर्ज कर ली है। दो आरोपी अभी भी फरार हैं। पुलिस टीम उनकी तलाश में जुटी हुई है।

खैर श्मशान घाट पर पकड़ा गया यह “पुतला घोटाला” भारत में बढ़ती बीमा धोखाधड़ी का एक चौंकाने वाला उदाहरण है। अगर स्थानीय लोग सतर्क न होते, तो शायद यह योजना सफल हो जाती और 50 लाख की ठगी को अंजाम तक पहुँचा दिया जाता। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।