दहेज की हदें पार हुईं तो दुल्हन चांदनी ने तोड़ी वरमाला, शादी से किया इंकार; बारात लौटी खाली हाथ

Last Updated: November 27, 2025

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वाराणसी: बेटियों के पिता अक्सर शादी की तैयारियों में बैंक और बाजार के चक्कर काटते दिखाई देते हैं। कई बार कर्ज लेकर वे अपनी बेटियों के हाथ पीले करने का हर प्रयास करते हैं। लेकिन जब दूल्हा पक्ष किसी न किसी बात पर नाराज़ होकर पिता की इज्जत को चोट पहुँचाता है, तो बेटी का दिल टूट जाता है। ऐसी कई कहानियाँ समाज में रोज़ सुनने को मिलती हैं, लेकिन वाराणसी की चांदनी जायसवाल ने इस सोच को बदलने का काम किया है। ससुराल पक्ष की बार-बार की दहेज मांग और अभद्रता के बीच चांदनी ने ऐसा फैसला लिया, जिससे पूरे क्षेत्र में चर्चा शुरू हो गई। उसने न केवल अपने माता-पिता की इज्जत बचाई, बल्कि दहेजखोरी करने वालों को करारा संदेश भी दे दिया।

दहेज की मांग बढ़ती गई, लेकिन सब्र का बांध टूट गया

वाराणसी के शिवपुर निवासी राजेंद्र प्रसाद की बेटी चांदनी की शादी भदोही जिले के सुरियावां निवासी रोहित जायसवाल से तय हुई थी। रोहित मुंबई में एक पिज़्ज़ा कंपनी में मैनेजर है। 23 मई को छेका (सगाई) का कार्यक्रम धूमधाम से संपन्न हुआ। शुरुआत से ही दूल्हा पक्ष ने 1 लाख रुपए की मांग रखी थी, जिसे लड़की पक्ष ने किसी तरह पूरा करने की कोशिश की। पिता राजेंद्र प्रसाद फेरी लगाकर सब्जी बेचते हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद वे 75 हजार रुपए दे सके और बाकी रकम देने का आश्वासन भी दिया। लेकिन दूल्हा पक्ष नहीं माना।

पहले जयमाल रोकी, फिर भोजन के समय दोबारा दहेज की मांग

शादी के दिन दूल्हे को स्टेज पर लाने से पहले ही वर पक्ष ने शर्त रख दी “बाकी पैसे दो, तभी जयमाल होगा।” लड़की पक्ष ने इधर-उधर से पैसा जुटाकर कुछ राशि और दे दी, तब जाकर जयमाल की रस्म पूरी हो सकी। लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। रात में जब दूल्हा-दुल्हन खाना खाने बैठे, दूल्हे वाले फिर पैसों की मांग पर अड़ गए और खाना छोड़कर उठ गए। चांदनी के माता-पिता हाथ जोड़कर उन्हें मनाते रहे, मगर दूल्हा पक्ष ने पिता की औकात पर तंज कस दिया “की अगर अभी इज्जत नहीं, तो शादी के बाद क्या होगा?” जब बात अपमान की हद तक पहुँच गई, तो दुल्हन चांदनी ने सबके सामने अपना फैसला सुना दिया। उसने गले में पड़ी वरमाला उतार दी और शादी से साफ इंकार कर दिया। चांदनी ने कहा जो लोग अभी मेरे माता-पिता का सम्मान नहीं कर रहे, वे शादी के बाद मेरे साथ क्या करेंगे? इन्हें मुझसे नहीं, मेरे पैसों से शादी करनी थी। मेरा जीवन बर्बाद हो जाता। उसके इस साहसिक कदम ने पूरे मंडप को चौंका दिया। अंततः बारात बिना शादी के वापस लौट गई।

पुलिस में शिकायत, जांच जारी

घटना के बाद लड़की पक्ष ने शिवपुर थाना में दहेज मांग और अपमान से संबंधित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और दूल्हा पक्ष की भूमिका की छानबीन कर रही है।

समाज के लिए बड़ा संदेश बनी चांदनी

इस घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि दहेज जैसी कुप्रथा को खत्म करने के लिए केवल कानून काफी नहीं — बेटियों का साहस और परिवार का समर्थन भी जरूरी है। चांदनी का यह कदम कई युवतियों और परिवारों के लिए प्रेरणा बन रहा है।